बांसवाड़ा में राजस्थान-गुजरात के 90 से ज्यादा विशेषज्ञ जुटे:पहली बार राज्य स्तरीय नेत्र रोग सेमिनार, इलाज में नई तकनीकों पर मंथन
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बांसवाड़ा में राजस्थान-गुजरात के 90 से ज्यादा विशेषज्ञ जुटे:पहली बार राज्य स्तरीय नेत्र रोग सेमिनार, इलाज में नई तकनीकों पर मंथन
SOURCE:Dainik Bhaskar Tech
बांसवाड़ा में राजस्थान नेत्र रोग समिति के तत्वावधान में शहर के एक निजी होटल में ‘मध्यावधि रोसकॉन’ (ROSCON) के तहत एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिले के इतिहास में पहली बार आयोजित इस सेमिनार में राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्य गुजरात से भी 90 से अधिक विख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। सेमिनार का उद्देश्य नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक बदलावों और अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी साझा करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और शोध पत्रों के माध्यम से मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी, रेटिना से जुड़ी नई उपचार पद्धतियों और लेजर तकनीक के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि नई तकनीकों के उपयोग से अब जटिल से जटिल ऑपरेशन भी अधिक सटीकता के साथ कम समय में संभव हो रहे हैं। स्थानीय मरीजों को मिलेगा फायदा कार्यक्रम के आयोजक एवं शहर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवरत्न जैन, डॉ. हार्दिक जैन और प्रीति मित्तल ने बताया कि ऐसे सेमिनार स्थानीय डॉक्टरों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। इससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही नवीन पद्धतियों की जानकारी मिलती है। इसका सीधा लाभ बांसवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा, जिन्हें अब उन्नत नेत्र चिकित्सा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अनुभव और भविष्य की तकनीकों पर चर्चा दिनभर चले विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक तकनीक नेत्र चिकित्सा को और अधिक सटीक, सुरक्षित और सुलभ बनाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों से शुरुआती स्तर पर ही आंखों की बीमारियों की पहचान संभव हो सकेगी। सेमिनार के सफल आयोजन से बांसवाड़ा ने चिकित्सा जगत में एक नई पहचान बनाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से जिला धीरे-धीरे एक मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।
बांसवाड़ा में राजस्थान नेत्र रोग समिति के तत्वावधान में शहर के एक निजी होटल में ‘मध्यावधि रोसकॉन’ (ROSCON) के तहत एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिले के इतिहास में पहली बार आयोजित इस सेमिनार में राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्य गुज
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सेमिनार का उद्देश्य नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक बदलावों और अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी साझा करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और शोध पत्रों के माध्यम से मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी, रेटिना से जुड़ी नई उपचार पद्धतियों और लेजर तकनीक के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि नई तकनीकों के उपयोग से अब जटिल से जटिल ऑपरेशन भी अधिक सटीकता के साथ कम समय में संभव हो रहे हैं।
स्थानीय मरीजों को मिलेगा फायदा
कार्यक्रम के आयोजक एवं शहर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवरत्न जैन, डॉ. हार्दिक जैन और प्रीति मित्तल ने बताया कि ऐसे सेमिनार स्थानीय डॉक्टरों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। इससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही नवीन पद्धतियों की जानकारी मिलती है। इसका सीधा लाभ बांसवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा, जिन्हें अब उन्नत नेत्र चिकित्सा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अनुभव और भविष्य की तकनीकों पर चर्चा
दिनभर चले विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक तकनीक नेत्र चिकित्सा को और अधिक सटीक, सुरक्षित और सुलभ बनाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों से शुरुआती स्तर पर ही आंखों की बीमारियों की पहचान संभव हो सकेगी।
सेमिनार के सफल आयोजन से बांसवाड़ा ने चिकित्सा जगत में एक नई पहचान बनाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से जिला धीरे-धीरे एक मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है, जिससे आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।