98 साल की दादी ने लगाई भारत सरकार से गुहार:बोली- पोते का शव लेकर आ जाओ, मदद करो ; 30 दिसंबर को अमेरिका में हार्ट अटैक से हुई थी विपिन की मौत
अमेरिका में 30 दिसंबर को 24 साल के पोते की हार्ट अटैक से मौत के बाद शव भारत नहीं आने पर 98 साल की दादी ने सरकार से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है। दादी बोली कि उसके पोते का शव लेकर आ जाओ सरकार। मदद करो सरकार। अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ गांव निवासी 24 साल के विपिन चौधरी की मौत को चार दिन बीत चुके हैं। हालांकि, इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से शव लाने की तैयारी चल रही है। शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था विपिन दरअसल, जॉर्जिया में शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करने वाला विपिन चौधरी रात को खाना खाकर सोया था, लेकिन सोने से पहले उसने अपने मां-पिता से वीडियो कॉल पर बात की थी। 30 दिसंबर को जब वह अपने बिस्तर से नहीं उठा तो दोस्त ने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा विपिन की मौत का खुलासा हालांकि, डॉक्टर्स ने प्रारंभिक तौर पर साइलेंट अटैक से मौत होना बताया है। लेकिन कन्फर्म तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने बाद ही हो पाएगा। उसी दिन उसके परिवार वालों को उसकी मौत की सूचना दी गई। जिसके बाद से ही घर में मातम छा गया। पूरे गांव में शोक का माहौल हो गया। परिवार में छाया मातम, दादी और मां-पिता की हालत खराब इधर, मृतक युवक विपिन की दादी बहुत परेशान है, वह सो नहीं पा रही है। हर समय अपने पोते को याद करती रहती है। विपिन की मां की हालत भी बहुत बिगड़ चुकी है। पिता भी खामोश है। परिवार में मातम छाया है। हर कोई मृतक के परिजनों का ढांढ़स बंधाने में लगा हुआ है। अभी यह तय नहीं कि कब तक शव को भारत लाया जा सकेगा हर दिन बेटे के शव का इंतजार हो रहा है। लेकिन अभी अमेरिका में शव भारत लाने की प्रक्रिया आगे ही नहीं बढ़ रही है। हालांकि, विपिन चौधरी का चचेरा भाई संदीप जार्जिया पहुंच गया है, जो अमेरिका में ट्रक ड्राइवर है। उसके जाने के बाद पता चला कि वहां दो दिन छुट्टी है। अभी तक शव पुलिस स्टेशन में ही रखा हुआ है। अब सोमवार या मंगलवार को ही शव को भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि कब तक शव को भारत लाया जा सकेगा। 2024 में अमेरिका गया था विपिन चौधरी जाट बहरोड़ गांव का रहने वाला विपिन चौधरी (24) पुत्र हवा सिंह जून 2024 में जॉर्जिया गया था। अमेरिका जाने से पहले वह पंजाब के किसी युवक के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने अपनी करीब डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। 30 से 40 लाख रुपए खर्च कर वह अमेरिका गया था। उसके बाद वह गांव कभी नहीं लौटा। उसकी प्लानिंग थी कि दो-तीन साल लगातार रहकर काम किया जाए, ताकि ज्यादा-से-ज्यादा पैसा कमाया जा सके। उसके बाद ही घर लौटने की योजना थी। ------------------ मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... तीन दिन बाद अमेरिका से भारत आएगा विपिन का शव:इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड की मदद से लाया जाएगा इंडिया, प्रोसेस शुरू अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट (हार्ट) अटैक से खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ गांव निवासी 24 साल के विपिन चौधरी की मौत को तीन दिन बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हो सका है। हालांकि, इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से शव लाने की तैयारी चल रही है। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ़ नार्थ अमेरिका (राना) न्यूयॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी से परिवार के लोगों ने मदद मांगी है। वे लगातार भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि शव को भारत लाने में तीन दिन और लग सकते हैं।(पूरी खबर पढ़ें)