'भाजपा चुनाव कैसे जीते? उसी हिसाब से पुनर्गठन कर रहे':बाड़मेर सांसद बोले- यहां कौन रहेगा, यह BJP नहीं, जनता तय करेगी
बाड़मेर और बालोतरा का रातोंरात भूगोल बदलने को लेकर जारी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मामले में शनिवार को भाजपा पर निशाना साधा। सांसद ने बाड़मेर और बालोतरा के परिसीमन पर बोलते हुए कहा- वो(भाजपा) अपने हिसाब से वार्ड से लेकर जिला बना रहे हैं। वो चाहते है, हमारे सामने कोई चुनाव में जीत नहीं पाए। यह सबको पता चल रहा है कि किस तरीके से माहौल चल रहा है। किस तरीके से परिसीमन हुआ है। वे अपने हिसाब से वार्ड बना रहे हैं। हमारे सामने कोई जीत नहीं पाए। सभी हम ही जीत जाए, चाहे पंचायती राज हो या नगर निकाय के चुनाव हो, या फिर आगामी लोकसभा, विधानसभा के चुनाव हो। वो अपने हिसाब से कैसे जीतें, उसी हिसाब से वार्डों का पुनर्गठन कर रहे हैं। इस लिहाज से पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी लोगों की भावना के अनुसार ही धरने पर बैठे हैं। दरअसल, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल शनिवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर पहुंचे थे। उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की। बाड़मेर में अशांति फैलाने के लगाए आरोप उन्होंने कहा- वे(भाजपा) बाड़मेर में अशांति फैलाना चाहते हैं। उन्होंने पहले भी जैसलमेर में नाकाम कोशिश की थी। हम पोकरण में गोवंश की हत्या होने जैसी घटनाओं की निंदा करते हैं। ऐसी घटनाओं की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, फिलहाल इस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है। अगर अफवाह है तो जांच के बाद ही सच पता चल पाएगा। इसमें अगर कोई दोषी है तो उसको बख्शा नहीं जाएगी। मैंने अधिकारियों को कहा कि इसकी निष्पक्षता से जांच की जाए। बाड़मेर- जैसलमेर में कौन रहेगा, यह जनता तय करेगी, भाजपा नहीं उन्होंने भाजपा नेता स्वरूपसिंह के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर में कौन किस तरीके से रहेगा, यह बीजेपी या स्वरूपसिंह तय नहीं करते हैं। यह बाड़मेर के लोग तय करेंगे। बाड़मेर हमेशा भाईचारे का प्रतीक रहा है। यहां पर सभी लोग आपस में मिल-जुलकर रहते है। उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उनका मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा। भाजपा नेताओं ने पहले भी अशांति फैलाने की नाकाम कोशिश की है। यहां की जनता जागरूक और समझदार है ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकेगी। लोग मिल-जुलकर रहे हैं और आगे भी मिल-जुलकर रहेंगे। उन्होंने कहा- केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलने के साथ बंद करने में लगी हुई है। मनरेगा से गांवों में डवलपमेंट हुआ है। रेगिस्तान में पानी को सहजने के लिए टांके बने हैं। सरकार को पुनर्गठन के मामले में जनभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें- राजस्थान के 2 जिलों का रातोंरात भूगोल बदला:बाड़मेर और बालोतरा की सीमाओं में फेरबदल; भाजपा ने पटाखे फोड़े, कांग्रेस का विरोध राज्य सरकार ने पाकिस्तान से सटे दो जिलों बाड़मेर और बालोतरा का रातें-रात भूगोल बदल दिया है। 31 दिसंबर को राजस्व विभाग ने दोनों जिलों के इलाकों का पुनर्गठन करने की अधिसूचना जारी कर दी। पूरी खबर पढ़िए