BSTC कॉलेज में 4 दिनों से स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन:निदेशक बोले–कॉलेज नहीं आने नोटिस दिए इसलिए हंगामा कर रहे, आरोप निराधार
पाली के धापू बाई बीएसटीसी कॉलेज के छात्र पिछले चार दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को आंदोलन के चौथे दिन भी छात्रों ने कॉलेज के बाहर साइंस पार्क में खुले में कक्षाएं लगाकर विरोध जताया। इससे पहले गुरुवार को प्याऊ परिसर में इसी तरह की कक्षाएं लगाई गई थीं। निदेशक रावल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद कॉलेज निदेशक गुणेश रावल ने कहा कि उनके संस्थान पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। कुछ लोग राजनीतिक उद्देश्य से छात्रों को भड़का रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने किसी भी छात्र पर दबाव नहीं बनाया है। 200 दिन की उपस्थिति एनसीटीई का नियम निदेशक ने स्पष्ट किया कि एनसीटीई के नियमों के अनुसार बीएसटीसी पाठ्यक्रम में 200 दिन की उपस्थिति अनिवार्य है। जो छात्र लंबे समय से गैरमौजूद थे, उन्हें और उनके परिजनों को केवल नियमों की जानकारी देने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। हॉस्टल और बस सेवा अनिवार्य नहीं रावल ने हॉस्टल और बस सेवा को अनिवार्य बताए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज में लगभग 400 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से अधिकांश छात्र अपनी इच्छा से बाहर रह रहे हैं। उपस्थिति व्यवस्था पर दी सफाई कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू है। हालांकि वर्तमान में विभाग द्वारा वॉट्सऐप और ऑफलाइन माध्यम से भी उपस्थिति का विवरण मांगा जा रहा है, जिसे उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रों की उम्र और पृष्ठभूमि का उल्लेख निदेशक ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों के पास न तो पूरा पाठ्यक्रम है और न ही आवश्यक अध्ययन सामग्री। कॉलेज में 20 से 45 वर्ष आयु वर्ग के परिपक्व छात्र, पूर्व सैन्य कर्मी और विधवा महिलाएं भी अध्ययन कर रही हैं। ऐसे में किसी को डराने या प्रताड़ित करने के आरोप पूरी तरह गलत हैं।
धापू बाई बीएसटीसी कॉलेज के छात्रों द्वारा 4 दिनों से किए जा रहे प्रदर्शन के बीच में कॉलेज के निदेशक गुणेश रावल शुक्रवार को मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी कॉलेज पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। कुछ लोग राजनीति के चक्कर में विरोध कर रहे हैं। रावल ने स्पष्ट किया कि एनसीटीई के नियमानुसार बीएसटीसी पाठ्यक्रम में 200 दिन की उपस्थिति अनिवार्य है। लंबे समय से गैरहाजिर रहने वाले छात्रों एवं परिजनों को नियमों की जानकारी देने नोटिस दिए थे, न कि किसी प्रकार का दबाव बनाने। डायरेक्टर रावल ने अनिवार्य हॉस्टल एवं बस सेवा के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में अध्ययनरत लगभग 400 छात्रों में से अधिकांश छात्र अपनी इच्छा से बाहर रह रहे हैं। संस्थान में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में विभाग द्वारा वॉट्सऐप और ऑफलाइन माध्यम से उपस्थिति डेटा मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले कुछ छात्रों के पास न पूरा पाठ्यक्रम है और न ही आवश्यक अध्ययन सामग्री। कॉलेज में 20 से 45 वर्ष आयु वर्ग के परिपक्व छात्र, पूर्व सैन्य कर्मी और विधवा महिलाएं भी अध्ययनरत हैं, जिन्हें डराने का आरोप निराधार है। इधर, छात्रों ने चौथे दिन साइंस पार्क में खुले में क्लास लगाकर विरोध किया। गुरुवार को प्याऊ परिसर में ऐसी ही क्लास लगाई थी।