CBSE से नियुक्त एग्जामिनर ही कराएंगे प्रैक्टिकल एग्जाम:उल्लंघन पर रद्द होंगी परीक्षाएं,स्कूलों को जारी किए निर्देश; कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ाया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों में 1 जनवरी से प्रैक्टिकल परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है, जो 14 फरवरी तक चलेगा। इस बार बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ये परीक्षाएं केवल बोर्ड द्वारा नियुक्त बाहरी परीक्षक ही कराएंगे। स्कूलों को स्थानीय स्तर पर कोई भी वैकल्पिक परीक्षक नियुक्त करने का कोई अधिकार नहीं है, चाहे वह प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट या इंटरनल असेसमेंट ही क्यों न हो। बोर्ड ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अगर किसी स्कूल ने बोर्ड द्वारा नियुक्त न किए गए, अपने स्तर पर किसी बाहरी परीक्षक से परीक्षा कराई, तो वह पूरी तरह अमान्य मानी जाएगी और बोर्ड के पास उसे रद्द करने का पूर्ण अधिकार होगा। सभी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असेसमेंट तय समय-सीमा यानी 1 जनवरी से 14 फरवरी के बीच ही पूरे किए जाएं। बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असेसमेंट एक जनवरी से 14 फरवरी के बीच तय समय सीमा के अंदर कराए जाएं। इसके अलावा, 1 फरवरी 2026 से प्रिंसिपल्स को अपने वाइस प्रिंसिपल, को-ऑर्डिनेटर्स और संबंधित शिक्षकों से परीक्षाओं के आयोजन तथा मार्क्स अपलोड की प्रगति पर नजर रखनी होगी। अगर कहीं कोई कमी रह गई, तो उसे समय रहते पूरा कराया जा सके। इधर परीक्षाओं में लगने वाले कार्मिकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया है। जिसकी जानकारी बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड की साल 2026 की 10वीं व 12वीं की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होगी। विस्तार से जानने के लिए करें CLICK
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में एक जनवरी से प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू हो चुकी हैं, जो 14 फरवरी तक चलेंगी। ये परीक्षाएं केवल बोर्ड द्वारा नियुक्त बाहरी परीक्षक ही कराएंगे। स्कूलों को स्थानीय स्तर पर प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट या असेसमेंट कराने के लिए कोई बाहरी परीक्षक का इंतजाम करने का कोई अधिकार नहीं होगा। बोर्ड की ओर से इस सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी किए गए है। इसमें बताया कि अगर यह पाया जाता है कि स्कूल ने सीबीएसई द्वारा नियुक्त न किए गए किसी दूसरे बाहरी परीक्षक से प्रैक्टिकल परीक्षाएं कराई हैं, तो वह अमान्य होंगी। बोर्ड के पास इन्हें रद्द करने का अधिकार होगा। बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असेसमेंट एक जनवरी से 14 फरवरी के बीच तय समय सीमा के अंदर कराए जाएं। इधर परीक्षाओं में लगने वाले कार्मिकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया है। जिसकी जानकारी बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड की साल 2026 की 10वीं व 12वीं की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होगी। विस्तार से जानने के लिए करें CLICK