CM और चिकित्सा मंत्री को खून से लिखे पोस्टकार्ड:नर्सिंगकर्मियों की बोनस के आधार पर भर्ती की मांग, 4 हजार नर्सिंगकर्मियों को भर्ती का इंतजार
भरतपुर राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल में तैनात नर्सिंगकर्मियों ने आज CM और चिकित्सा मंत्री को अपने खून से 2 सौ पोस्टकार्ड लिखे। नर्सिंगकर्मी मांग कर रहे हैं सरकार बोनस के आधार पर भर्ती निकाले। नर्सिंगकर्मी 1965 के नियम में बदलाव का विरोध रहे हैं। नर्सिंगकर्मी भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि हम पिछले 3 साल से अल्प वेतन पर लगे हुए हैं। सरकार यह चाहती है कि आगामी भर्ती 1965 का नियम बदल कर भर्ती परीक्षा के माध्यम से की जाए। हमारी मांग है कि 1965 के नियम में कोई बदलाव नहीं किया जाए। सरकार हमारी मेहनत का फल दे। आगामी भर्ती बोनस के आधार पर जल्द से जल्द हों। करीब 4 हजार नर्सिंग कर्मियों को भर्ती का इंतजार आज सभी नर्सिंगकर्मी 2 सौ खून से लिखे पोस्टकार्ड सरकार को भेज रहे हैं। अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं तो, यह खून हम सड़क पर बहाने को तैयार हैं। 3 से 4 हजार पक्के होने की मांग कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि सांकेतिक रूप से सरकार हमारी मांगे मान लें। अगर ऐसा नहीं हुआ हम सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। क्योंकि सरकार ने 2013, 2018 और 2022-23 की भर्ती बोनस मेरिट आधार पर की गई है। क्या है 1965 का नियम दरअसल, 1965 का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति को सरकार पेपर लेकर अल्प वेतन पर लगा रही है। उसका भर्ती के दौरान उसका पेपर नहीं लिया जाए। साथ ही व्यक्ति को 1 साल काम के बदले 10 प्रतिशत अंक, 2 साल के 20 प्रतिशत अंक और 3 साल के 30 प्रतिशत अंक बोनस के रूप में दिए जाए। अब सरकार इस नियम में बदलाव करना चाह रही है।
भरतपुर राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल में तैनात नर्सिंगकर्मियों ने आज CM और चिकित्सा मंत्री को अपने खून से 2 सौ पोस्टकार्ड लिखे। नर्सिंगकर्मी मांग कर रहे हैं सरकार बोनस के आधार पर भर्ती निकाले। नर्सिंगकर्मी 1965 के नियम में बदलाव का विरोध रहे हैं। बोनस के आधार पर भर्ती की मांग नर्सिंगकर्मी भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि हम पिछले 3 साल से अल्प वेतन पर लगे हुए हैं। सरकार यह चाहती है कि आगामी भर्ती 1965 का नियम बदल कर भर्ती परीक्षा के माध्यम से की जाए। हमारी मांग है कि 1965 के नियम में कोई बदलाव नहीं किया जाए। सरकार हमारी मेहनत का फल दे। आगामी भर्ती बोनस के आधार पर जल्द से जल्द हों। करीब 4 हजार नर्सिंग कर्मियों को भर्ती का इंतजार आज सभी नर्सिंगकर्मी 2 सौ खून से लिखे पोस्टकार्ड सरकार को भेज रहे हैं। अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं तो, यह खून हम सड़क पर बहाने को तैयार हैं। 3 से 4 हजार पक्के होने की मांग कर रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि सांकेतिक रूप से सरकार हमारी मांगे मान लें। अगर ऐसा नहीं हुआ हम सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। क्योंकि सरकार ने 2013, 2018 और 2022-23 की भर्ती बोनस मेरिट आधार पर की गई है। क्या है 1965 का नियम दरअसल 1965 का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति को सरकार पेपर लेकर अल्प वेतन पर लगा रही है। उसका भर्ती के दौरान उसका पेपर नहीं लिया जाए। साथ ही व्यक्ति को 1 साल काम के बदले 10 प्रतिशत अंक, 2 साल के 20 प्रतिशत अंक और 3 साल के 30 प्रतिशत अंक बोनस के रूप में दिए जाए। अब सरकार इस नियम में बदलाव करना चाह रही है।