स्पीड रिस्ट्रिक्शन्स की पालना जरूरी:वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी, लेकिन ट्रेन चलाने से पहले शर्तें मानना और CRS की मंजूरी जरूरी
इस महीने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होने जा रहा है। इससे पहले रेलवे बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की सिफारिश पर 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर रैक को अधिकतम 160 किमी प्रति घंटा की गति से चलाने की मंजूरी दे दी है। यह अनुमति आरडीएसओ के 28 नवंबर 2025 के आवेदन के आधार पर दी गई है, जिसे चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), नई दिल्ली के माध्यम से भेजा गया था। इस मंजूरी के तहत वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उन्हीं ट्रैकों पर संचालित की जाएगी, जो इंडियन रेलवे परमानेंट वे मैनुअल (आईआरपीडब्ल्यूएम) के मानकों के अनुसार मेंटेन किए गए हों। ट्रेनसेट की संरचना और डिजाइन वंदे भारत के डिजाइनर और आईसीएफ के पूर्व जीएम सुधांशु मणि बताते है कि वंदे भारत के स्लीपर वर्जन की जबरदस्त मांग थी, ऐसे में इसे देखते हुए रेलवे ने सिलिपर वर्जन लॉन्च किया है। ट्रेनसेट में विभिन्न प्रकार के कोच शामिल हैं। इनमें ड्राइविंग ट्रेलर कोच (VSDTCCCN और VSDTC2CCN), ट्रेलर कोच (VSTCCCN), मोटर कोच (VSMCCCN, VSMC2CCN, VSMCCCDW और VSMC2CCDW) तथा नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर कोच (VSNDFAC और VSNDSCDW) शामिल हैं। इन सभी कोचों की लेआउट ड्रॉइंग इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा तैयार की गई है। स्पीड सर्टिफिकेट और ऑपरेशनल शर्तें रेलवे के प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर (आर) सुधीर गुप्ता ने बताया कि आरडीएसओ द्वारा 21 नवंबर 2025 को जारी किए गए फाइनल स्पीड सर्टिफिकेट (एफएससी) के सभी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। इसमें ईआईजी, ईएमसी/ईएमआई और अन्य तकनीकी आवश्यकताएं शामिल हैं। संबंधित जोनल रेलवे द्वारा ट्रेन संचालन की अनुमति देने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज सीआरएस को सौंपे जाएंगे। स्पीड रिस्ट्रिक्शन और क्रू ट्रेनिंग अनिवार्य संबंधित रूट पर लागू सभी स्थायी और अस्थायी स्पीड रिस्ट्रिक्शन्स का सख्ती से पालन किया जाएगा। रिवाइज्ड पॉलिसी सर्कुलर-6 के तहत ट्रेन को जनरल रूल्स 1976 के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न सेक्शनों में चलाया जाएगा। क्रू और ऑनबोर्ड स्टाफ को आपात स्थिति में सेमी-पर्मानेंट कपलर को 15 मिनट में अनकपल करने, आग या पैसेंजर अलार्म जैसी स्थितियों से निपटने और फायर बैरियर डोर्स के संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। सेफ्टी के लिए तकनीकी इंतजाम लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के किट में आवश्यक टूल्स शामिल होंगे। बोगियों के सस्पेंशन एलिमेंट्स को उचित मार्किंग के साथ अलग किया जाएगा। एयर स्प्रिंग डिफ्लेटेड स्थिति में ट्रेन की अधिकतम गति 55 किमी प्रति घंटा तक सीमित रहेगी। सभी सिस्टम्स के मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग मैनुअल, रंगीन फोटोज के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे। कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और फायर डिटेक्शन सिस्टम (एफडीएसएस) जैसे सभी क्रिटिकल आइटम्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कोच सेफ्टी और ब्रेक सिस्टम पर विशेष ध्यान कोच बॉडी और पैनल्स में अर्थिंग व्यवस्था हमेशा दुरुस्त रखी जाएगी। बीपी, एमआर, एयर बेलो और ऑक्जिलरी रिजर्वायर के स्टेनलेस स्टील पाइप्स को कलर कोडिंग से चिन्हित किया जाएगा, जिससे मेंटेनेंस स्टाफ को सुविधा मिले। सभी ब्रेक सिस्टम, जिनमें रिजेनरेटिव ब्रेक्स भी शामिल हैं, को बेहतर हालत में रखा जाएगा। ट्रेन संचालन के दौरान ड्राइवर कैब अंदर से लॉक रहेगा, ताकि अनधिकृत प्रवेश न हो सके।