चित्तौड़गढ़ में युवक की मौत के बाद बाजार बंद:कन्नौज गांव में जाब्ता तैनात, अपनी मांगों को लेकर अड़े ग्रामीण; DSP-SDM मौजूद
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र स्थित कन्नौज गांव में गुरुवार को एक युवक की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। 27 दिसंबर को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए दुर्गेश रेगर ने उदयपुर के एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, वैसे ही लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक गांव का माहौल लगातार गरमाया रहा। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। मामूली झगड़े से शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार पूरा मामला एक मामूली पारिवारिक विवाद से शुरू हुआ था, जो बाद में गंभीर हिंसा में बदल गया। 27 दिसंबर को दुर्गेश रेगर के घर में उसकी पत्नी के साथ आपसी कहासुनी और झगड़ा हो रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली शकील की मां बीच-बचाव करने पहुंची थीं। बातचीत के दौरान धक्का-मुक्की हो गई, जिसमें शकील की मां को चोट लग गई। इस घटना की जानकारी किसी ने फोन पर शकील को दी और बताया कि उसकी मां के साथ मारपीट हुई है। घर पहुंचकर किया जानलेवा हमला, गंभीर घायल सूचना मिलते ही शकील अपने 4-5 साथियों के साथ दुर्गेश के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही दुर्गेश पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में युवक करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद गांव में बाजार बंद दुर्गेश की मौत के बाद गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को कन्नौज गांव के बाजार पूरी तरह बंद रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने चौराहों पर एक टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भी लोग कन्नौज पहुंचने लगे, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े प्रदर्शन कर रहे लोगों की मुख्य मांग है कि पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि मुख्य आरोपी युवक ने खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन हुए अलर्ट स्थिति को संभालने के लिए भदेसर डिप्टी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए पुलिस लाइन सहित अन्य थानों से भी अतिरिक्त जाब्ता बुलाया गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की नामजद रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और कुछ युवकों को डिटेन भी किया गया है। फिलहाल गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।


