राजस्थान के दो MBBS स्टूडेंट्स की कजाकिस्तान में मौत:6 महीने में पूरी होने वाली थी डिग्री; घूमने जाते समय हुआ कार का एक्सीडेंट
कजाकिस्तान में MBBS कर रहे राजस्थान के दो स्टूडेंट्स की मौत हो गई। सड़क हादसे में कोटपूतली बहरोड़ निवासी राहुल यादव (25) और पाली के सादड़ी निवासी करण परमार की जान चली गई। कजाकिस्तान में स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी को कजाकिस्तान मेडिकल एकेडमी के 4 स्टूडेंट मनदीप सिंह सोलंकी, करण सिंह परमार, राहुल यादव, ऋषिराज बारहठ और एक भारतीय पर्यटक बृजेश कुमार भाटी कार से घूमने जा रहे थे। बृजेश कुमार भाटी एक स्टूडेंट के परिवार का सदस्य था, जो घूमने के लिए कजाकिस्तान आया था। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत इस दौरान अल्माटी (कजाकिस्तान) के पास स्थित गांव के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में करण सिंह परमार और ऋषिराज बारहठ की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घायल राहुल यादव, मनदीप सोलंकी और बृजेश कुमार भाटी को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 9 जनवरी को राहुल यादव की भी मौत हो गई, जबकि 2 का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। माता-पिता को नहीं दी गई मौत की सूचना कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नांगल खोड़िया गांव के रहने वाले राहुल यादव (25) पुत्र दीपचंद साउथ कजाकिस्तान मेडिकल एकेडमी के स्टूडेंट था। वह इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। राहुल अविवाहित था। बताया जा रहा है कि उनके माता-पिता को अभी तक बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई है। उन्हें इतना जरूर बताया गया है कि राहुल का एक्सीडेंट हो गया है। पिता दीपचंद ने बताया कि 6 जनवरी को हादसे की सूचना मिली थी। गांव में होगा अंतिम संस्कार गांव के लोगों ने बताया- रविवार सुबह राहुल का शव गांव पहुंचेगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। राहुल के पिता दीपचंद गुरुग्राम (हरियाणा) में टैक्सी चलाते हैं। माता-पिता को बेटे की मौत की खबर नहीं है। हादसे के बाद मां ने हाथ जोड़कर सरकार से गुहार लगाई कि बेटे को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। गांव से 8 किलोमीटर पहले शव लेकर रुके परिजन शनिवार दोपहर 3:30 बजे राहुल का शव दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से गांव के लिए रवाना हुआ। गांव पहुंचने से पहले सूर्यास्त होने के कारण परिजन बहरोड़ से 8 किलोमीटर पहले होटल मुस्कान मिड-वे के पास शव को लेकर रुक गए। रात के समय अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा, ऐसे में राहुल के शव को सुबह गांव लेकर जाएंगे। मृतक करण के शव का सादड़ी में हुआ अंतिम संस्कार उधर, सादड़ी के करण सिंह परमार पुत्र परमानंद परमार का शव शनिवार को गांव पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। जून 2026 में करण की MBBS की डिग्री पूरी होने वाली थी। हादसे की सूचना के बाद करण का भाई दीक्षित और परिवार के अन्य सदस्य कजाकिस्तान पहुंचे, जहां कागजी कार्रवाई के बाद शव को भारत लाया गया। सितंबर में घर आया था करण करण सितंबर में 10 दिन की छुट्टियों पर घर आया था। इसके बाद एग्जाम की तैयारी के लिए कजाकिस्तान चला गया। करण के पिता परमानंद सादड़ी बस स्टैंड पर मेडिकल की दुकान चलाते हैं। उनका सपना था कि बेटा डॉक्टर बने। करण का बड़ा भाई दीक्षित पिता के साथ मेडिकल शॉप पर काम करता है। बहन पूजा दिल्ली में डॉक्टर हैं। हादसे के बाद की PHOTOS... ये खबर भी पढ़िए... 45 लाख खर्च कर अमेरिका गया, वापस आया शव:मां और बहनें आखिरी बार छू भी नहीं सकीं, सदमे के कारण पिता अस्पताल में भर्ती रहे थे राजस्थान के युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में साइलेंट अटैक से मौत के 12 दिन बाद शव गांव पहुंचा तो मां, बहन, दादी बिलख पड़ीं। संक्रमण के डर से कोई शव को छू भी नहीं पाया। दरअसल, खैरथल-तिजारा जिले के जाट बहरोड़ निवासी विपिन चौधरी (24) डेढ़ साल पहले पुश्तैनी जमीन बेचकर और कर्जा लेकर 45 लाख खर्च कर नौकरी करने अमेरिका गया था। (पूरी खबर पढ़ें)