छात्रसंघ चुनाव बहाल करवाने की मांग को लेकर नारेबाजी:गृह मंत्री को ज्ञापन देने पहुंचे NSUI कार्यकर्ता, पुलिस ने गेट पर रोका
प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव फिर शुरू करने की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार को यूनिवर्सिटी के केंद्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान माहेश्वरी समाज के अधिवेशन में शामिल होकर निकल रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपने के इरादे से कार्यकर्ता आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी ने बताया कि भजनलाल सरकार छात्रसंघ चुनाव करवाने का नाम नहीं ले रही। इससे छात्र राजनीति खत्म हो रही है। नए युवाओं को राजनीति में कदम रखने के लिए छात्रसंघ चुनाव पहली सीढ़ी है। इसी मांग को लेकर आज सभी कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी केंद्रीय कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए थे, लेकिन पुलिस ने ज्ञापन देने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा जाब्ता भी तैनात किया। दरअसल जोधपुर में तीन दिवसीय माहेश्वरी समाज का अखिल भारतीय अधिवेशन चल रहा है। जिसका आज दूसरा दिन है। इसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी हिस्सा लेने के लिए आए हुए थे। इस दौरान अमित शाह का काफिला यूनिवर्सिटी ऑफिस के पास से निकलने वाला था। इसी दौरान NSUI के कार्यकर्ता प्रदर्शन करने के लिए पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें काफिले तक नहीं पहुंचने दिया।
प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव फिर शुरू करने की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार को यूनिवर्सिटी के केंद्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान माहेश्वरी समाज के अधिवेशन में शामिल होकर निकल रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपने के इरादे से कार्यकर्ता आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी ने बताया कि भजनलाल सरकार छात्रसंघ चुनाव करवाने का नाम नहीं ले रही। इससे छात्र राजनीति खत्म हो रही है। नए युवाओं को राजनीति में कदम रखने के लिए छात्रसंघ चुनाव पहली सीढ़ी है। इसी मांग को लेकर आज सभी कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी केंद्रीय कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए थे, लेकिन पुलिस ने ज्ञापन देने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा जाब्ता भी तैनात किया।