एमडी की नियुक्ति-हटाने का हक RBI के पास:RBI की मंजूरी नहीं, एक्ट भी दरकिनार ...और अपेक्स बैंक एमडी को बदल दिया
पब्लिक सेक्टर व निजी बैंकों की तरह सहकारी बैंक भी आरबीआई के बीआर एक्ट के तहत संचालित हैं। हालांकि, राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) का एमडी नियुक्त करते समय इसकी पालना नहीं की जा रही। इसमें सहकारी विभाग ने आरबीआई को भी नजरअंदाज कर दिया। आरबीआई ने 8 दिसंबर को ही पत्र लिखकर वर्तमान एमडी संजय पाठक की नियुक्ति अवधि बढ़ाने या नए एमडी के लिए प्रस्ताव मांगा था। रजिस्ट्रार की अनुशंसा पर 25 दिन बाद ही एक्ट की पालना के बिना शुक्रवार को अपने स्तर पर ही रणजीत सिंह चूंडावत को एमडी लगा दिया। भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के आधार पर अपेक्स बैंक में एमडी संजय पाठक की नियुक्ति 31 अगस्त 2025 तक थी। इसके बाद सरकार ने उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा। न ही यहां नया एमडी लगाने का प्रस्ताव भेजा। बीआर एक्ट की धारा 35 बी(1)(बी) में बैंक में एमडी व सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया स्पष्ट है, जिसके तहत नियुक्ति से पहले आरबीआई की अनुमति जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्पष्ट किया कि एमडी की नियुक्ति तब तक मान्य नहीं होगी, जब तक आरबीआई की अनुमति प्राप्त न हो। RBI ने फरवरी में बैंक को पत्र लिखा, प्रस्ताव मांगा बीआर एक्ट के अनुसार अपेक्स बैंक में एमडी नियुक्ति के लिए तीन माह पहले प्रस्ताव भेजा जाना जरूरी है। जुलाई 2024 में नाबार्ड ने अपेक्स बैंक को पत्र लिख कर इस एक्ट की पालना करने को कहा। इस पर सरकार की ओर से तत्कालीन एमडी पाठक की नियुक्ति को मान्य करने का प्रस्ताव भेजा। आरबीआई ने पाठक की नियुक्ति 31 अगस्त 2025 तक मंजूर की थी। आरबीआई ने फरवरी 2025 में ही बैंक को पत्र लिख कर एक्ट की पालना के तहत नए एमडी के लिए या वर्तमान एमडी का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा। इस आधार पर बैंक के महा प्रबंधक पी.के. नाग की ओर से मई 2025 में आरबीआई के पत्र का हवाला देते हुए तत्कालीन रजिस्ट्रार के पास प्रकरण भेजा गया। उन्होंने इसे प्रस्ताव को उसी दिन खारिज कर दिया। आरबीआई ने 8 दिसंबर को कड़ा पत्र लिखा एक्ट की पालना नहीं हुई तो आरबीआई ने 8 दिसंबर को कड़ा पत्र लिखा। महाप्रबंधक प्रभात रंजन की ओर से लिखे पत्र में बताया कि संजय पाठक का कार्यकाल खत्म हो चुका है। कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला। एक्ट की धारा 35 बी (1)(बी) की पालना सुनिश्चित कराएं। इसके बाद भी प्रस्ताव नहीं भेजा। सहकारी समितियों की रजिस्ट्रार की ओर से संजय पाठक की जगह रणजीत सिंह चूंडावत को एमडी बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा। इसे सरकार ने शुक्रवार को मंजूर कर लिया। ...इसलिए महत्वपूर्ण होता है एमडी का पद 3200 करोड़ है बैंक में कुल डिपॉजिट 25 हजार करोड़ से अधिक हर वर्ष फसली ऋण वितरण का जिम्मा 29 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की मॉनिटरिंग 8000 से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों की मॉनिटरिंग, बैंक की 16 ब्रांचों में खाता धारकों की करीब 11 सौ करोड़ डिपॉजिट भरतपुर में कई वर्ष बाद एमडी, वहां भी नियम पालना नहीं भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक में लम्बे समय बाद एमडी लगाया गया है। एमडी का जिम्मा उप रजिस्ट्रार नरेश शुक्ला को दिया गया है। हालांकि, उनके पदस्थापन में भी आरबीआई के निर्देशों की पालना नहीं की गई।