VB-G RAM G के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन:मनरेगा में गरीबों को मिलता था रोजगार, केंद्र पर काम का अधिकार खत्म करने का आरोप
डूंगरपुर में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन' शुरू किया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार मनरेगा की जगह 'वीबी जी राम जी' योजना लाकर गरीबों के 'काम के अधिकार' को खत्म कर रही है। इस आंदोलन के तहत पीसीसी महासचिव और जिले के प्रभारी लालसिंह झाला और पीसीसी सचिव दिनेश श्रीमाली डूंगरपुर पहुंचे। डूंगरपुर कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष गणेश घोगरा, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा और पूर्व राज्यमंत्री डॉ. शंकर यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। प्रभारी लालसिंह झाला ने बताया कि साल 2006 में कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने गरीब तबके के लोगों को गांव में रोजगार देने के लिए रोजगार गारंटी एक्ट बनाया था। इस एक्ट के प्रावधानों से श्रमिकों का पलायन रुका और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। झाला ने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार ने न केवल योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया है, बल्कि इसमें कई ऐसे संशोधन किए हैं, जो श्रमिकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रच रही है, जिसके कारण कांग्रेस को सड़कों पर उतरना पड़ा है। झाला के अनुसार मनरेगा के तहत ग्रामीण और गरीब लोगों को काम का अधिकार मिलता था, लेकिन योजना में बदलाव करके केंद्र सरकार इस अधिकार को खत्म कर रही है। उन्होंने 125 दिन के रोजगार के दावों को बेमानी बताया, क्योंकि पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार ने किसी भी ग्रामीण मजदूर को 100 दिन का रोजगार भी नहीं दिया है। उनका अनुमान है कि लोगों को मुश्किल से 30 से 35 दिन का काम मिल पाएगा। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री डॉ. शंकर यादव ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। प्रभारी झाला ने बताया कि 31 जनवरी तक चलने वाले कांग्रेस के मनरेगा बचाओ संग्राम के राहत 11 जनवरी को कांग्रेस के जनप्रतिनिधि मनरेगा श्रमिकों के साथ जिले में गांधी ओर अंबेडकर प्रतिमाओं के समक्ष एक दिन का उपवास करेंगे। वहीं, 12 जनवरी से 29 जनवरी तक ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल ओर जनसंपर्क अभियान चलाकर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को बर्बाद करने की साजिश का पर्दाफाश करेंगे। वही अभियान के अंतिम दिन 31 जनवरी को डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशभर के लोगों में आक्रोश है।