जोधपुर में शिक्षा मंत्री ने कान पकड़कर मांगी माफी, VIDEO:स्कूल की मान्यता बहाल करवाने पहुंचे थे पूर्व जिलाध्यक्ष, दिलावर बोले-नियम नहीं तोड़ सकते
जोधपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष के सामने कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए। इसका वीडियो सामने आया है। यह वीडियो जोधपुर सर्किट हाउस में रविवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच का है। जिला प्रभारी मदन दिलावर जोधपुर दौरे पर आए थे। पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर पालीवाल ब्लू हेवन स्कूल की मान्यता बहाल करने की सिफारिश लेकर रविवार सुबह सर्किट हाउस में शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे। यह स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर बना था। उसकी मान्यता रद्द हो चुकी है। शिक्षा मंत्री दिलावर ने उन्हें साफ कहा कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। नियम तोड़ना संभव नहीं। इसी दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान भी पकड़े। देखें PHOTOS... दिलावर बोले- पूर्व जिलाध्यक्ष मेरे मित्र, उनसे माफी मांग सकता हूं इस वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा- पूर्व जिलाध्यक्ष मेरे मित्र हैं। मैं उनसे माफी मांग सकता हूं। हम उनके साथ बातचीत कर रहे थे। उनसे पर्सनल बातचीत चल रही थी, जिसका वीडियो बनाकर किसी ने रिकॉर्ड कर लिया। मनोहर पालीवाल ने भी कहा कि यह निजी मुलाकात थी। इसे वायरल करना गलत है। कोई भी स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर मिला तो होगी मान्यता रद्द शिक्षा मंत्री ने कहा कि यहां ब्लू हेवन पब्लिक स्कूल है। जिसकी मान्यता को हमने वापस ले लिया था। इस स्कूल को अतिक्रमण की जमीन पर बनाया गया था। गलत तथ्य पेश कर मान्यता ली गई थी। इसकी जांच के बाद हमने मान्यता रद्द कर दी थी। आगे भी ऐसा कोई स्कूल अतिक्रमण की जमीन पर पाया जाएगा तो उसकी भी मान्यता रद्द की जाएगी। 'कांग्रेस राज में मिड-डे मील में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी' उधर, मिड-डे मिल पर दिलावर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के राज में मिड-डे मील में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा थी। ऊपर से नीचे तक सब मिलकर खा रहे थे, जिसकी अब ACB जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से ACB चालान पेश करेगी। कोर्ट आगे नियमानुसार कार्रवाई करेगी। पूर्व जिलाध्यक्ष बोले-स्कूल की मान्यता या ट्रांसफर जैसा कोई मामला नहीं था मामले को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष मनोहर पालीवाल ने कहा- उनके क्षेत्र के किसी मामले को लेकर वह मंत्री दिलावर से चर्चा करने आए थे। स्कूल की मान्यता या ट्रांसफर जैसा कोई मामला नहीं था। माफी जैसी भी कोई बात नहीं थी, लेकिन मजाक में उन्होंने ऐसे ही कान पकड़ लिए। मंत्री हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। यह सब सामान्य बातचीत में मजाक के दौरान हुआ। इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है।