चित्तौड़गढ़ में नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिता, देशभर से आए 1300 खिलाड़ी:कल होगा उद्घाटन, चार अलग-अलग मैदानों पर खेले जाएंगे मैच
चित्तौड़गढ़ जिले में सोमवार से राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है। यह पहला मौका है, जब चित्तौड़गढ़ को स्कूली स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिल रही है। 5 जनवरी से 10 जनवरी तक राष्ट्रीय स्कूली छात्र-छात्रा हैंडबॉल प्रतियोगिता (अंडर-14 वर्ष) का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का आयोजन राउप्रावि पारोली के माध्यम से हो रहा है। प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेले जाएंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे खिलाड़ी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की कुल 65 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में करीब 1300 खिलाड़ी और उनके साथ आए अधिकारी शामिल हैं। रविवार को सभी टीमें चित्तौड़गढ़ पहुंच चुकी हैं। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों ने प्रतियोगिता स्थल पर अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में स्कूली खिलाड़ी चित्तौड़गढ़ पहुंचे हैं, जिससे पूरे शहर में खेलों को लेकर उत्साह का माहौल है। कल उद्घाटन, एक साथ चार मैदानों पर खेल प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन सोमवार सुबह 10.30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन के बाद मुकाबले शुरू हो जाएंगे। इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि एक ही समय पर चार अलग-अलग मैदानों पर मैच खेले जाएंगे। इंदिरा गांधी स्टेडियम में चारों मैदानों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसार तैयार किया गया है। मैदानों को तैयार करने में खास ध्यान रखा गया है, ताकि खिलाड़ियों को खेलने में किसी तरह की परेशानी न हो। बालक वर्ग में 506 और बालिका वर्ग में 499 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। सभी टीमों को 8-8 समूहों में बांटा गया है और पहले तीन दिनों तक लीग मैच खेले जाएंगे। निष्पक्ष खेल के लिए फेडरेशन की सीधी निगरानी इस प्रतियोगिता को साफ-सुथरे और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी खुद चित्तौड़गढ़ में मौजूद हैं। फेडरेशन पूरे आयोजन पर सीधी नजर रखे हुए है, ताकि किसी भी तरह की गलती या गड़बड़ी न हो। इससे प्रतियोगिता की गुणवत्ता और भरोसा दोनों बने रहेंगे। शिक्षा निदेशालय बीकानेर की ओर से 71 निर्णायकों की नियुक्ति की गई है। ये निर्णायक सभी मैचों में मौजूद रहेंगे और खेल के नियमों का सही तरीके से पालन करवाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को बराबरी का मौका मिलेगा। राजस्थानी अंदाज में मेहमानों का स्वागत इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चित्तौड़गढ़ की संस्कृति भी साफ दिखाई दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय और आयोजन सचिव राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि बाहर से आने वाली सभी टीमों का रेलवे स्टेशन पर राजस्थानी परंपरा के अनुसार उपरणा पहनाकर स्वागत किया जा रहा है। इससे मेहमानों को अपनापन महसूस हो रहा है। सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों को ठहरने की जगह और खेल मैदान तक ले जाने के लिए गाड़ियों की पूरी व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि किसी भी टीम को किसी तरह की परेशानी न हो। ठहरने, भोजन और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था आयोजन समिति ने खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई है। सभी के लिए रहने की अच्छी व्यवस्था की गई है। भोजन की गुणवत्ता पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि खिलाड़ी स्वस्थ रहकर अच्छा खेल दिखा सकें। किसी भी जरूरत या आपात स्थिति के लिए चिकित्सा सुविधा भी रखी गई है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है, ताकि प्रतियोगिता शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके। इन सभी इंतजामों का मकसद यही है कि खिलाड़ी बिना किसी चिंता के केवल अपने खेल पर ध्यान दे सकें। राष्ट्रीय स्तर पर चित्तौड़गढ़ को मिलेगी पहचान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पहचाना जाने वाला चित्तौड़गढ़ अब खेल आयोजनों के लिए भी जाना जा रहा है। यह प्रतियोगिता बताती है कि चित्तौड़गढ़ बड़े खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक कराने में सक्षम है। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का अच्छा मौका है और जिले के लिए गर्व की बात भी है। जिले के खिलाड़ी पहले से ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना चित्तौड़गढ़ के खेल विकास को और आगे बढ़ाने वाला कदम साबित होगा।