बोर्ड एग्जाम से पहले 412 से प्रिंसिपल का ट्रांसफर:शिक्षा विभाग ने दिनभर में 4 लिस्ट जारी की, अधिकांश का जिला बदला
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं क्लास के फाइनल एग्जाम 12 फरवरी से शुरू होने वाले है, इससे ठीक एक महीने पहले शिक्षा विभाग ने चार सौ से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर कर दिए हैं। मंगलवार को एक के बाद एक कुल चार लिस्ट जारी करके 412 प्रिंसिपल के ट्रांसफर कर दिए। करीब दो महीने पहले हुए ट्रांसफर के बाद सिफारिश के दम पर कई शिक्षकों ने अपना तबादला कैंसिल करवा लिया है, वहीं कई प्रिंसिपल को शिकायत के आधार पर इधर-उधर किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी ये लिस्ट भी करीब एक महीने पहले ही शिक्षा निदेशालय से जयपुर सचिवालय पहुंच गई थी। इसके बाद 5 जनवरी को सचिवालय ने निदेशालय को ट्रांसफर की स्वीकृति दी। मंगलवार को निदेशक ने इस आशय की लिस्ट को जारी कर दिया। शुरुआती पहली लिस्ट में 39 प्रिंसिपल, वहीं दूसरी लिस्ट में 78 प्रिंसिपल को इधर से उधर किया गया है। शाम होते-होते दो और लिस्ट जारी की गई है, जिसमें एक में 234 और एक अन्य में 61 प्रिंसिपल के ट्रांसफर किए गए हैं। ऐसे में एक ही दिन में 412 प्रिंसिपल का स्कूल बदल दिया। एक से दूसरे जिले में ट्रांसफर लिस्ट की खास बात ये है कि इसमें 50 फीसदी से ज्यादा ट्रांसफर तो एक से दूसरे जिले में ही किए गए हैं। वहीं अधिकांश के ट्रांसफर उनके आवेदन पर हुए हैं, ऐसे में उन्हें टीए और डीए देय नहीं होगा। वहीं कुछ को ट्रांसफर होने पर टीए और डीए देय है, यानी उन्होंने ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में ऐसे अधिकारियों को बीच सत्र में स्कूल छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ा है। रिटायरमेंट पोस्ट पर एडवांस ट्रांसफर जानकारी के अनुसार, जो प्रिंसिपल 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं, उनकी पोस्ट पर एडवांस में ही दूसरे प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर दिया गया है। ऐसे ट्रांसफर के आगे आदेश एक फरवरी से प्रभावी होने का रिमार्क लिखा गया है। ऐसे 5 से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर हैं। सारा काम जयपुर से हुआ, बीकानेर में सिर्फ हस्ताक्षर ट्रांसफर का सारा काम जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से हुआ है, जबकि बीकानेर ये फाइल सिर्फ हस्ताक्षर के लिए ही आई। निदेशालय स्तर पर सिर्फ ये देखा गया कि लिस्ट में कोई खामी तो नहीं है। इस बार भी संबंधित अनुभाग से सिर्फ लिस्ट चैक ही करवाई गई। निदेशालय ने भी आदेश में साफ लिखा है कि राज्य सरकार से मिले पत्र के आधार पर ट्रांसफर किया जा रहा है।