श्रीगंगानगर में मजदूर सप्लाई का झांसा देकर 9.80 लाख ठगे:उत्तरप्रदेश के ठग बंधुआ मजदूरी की शिकायत कर भागे, फोन स्विच ऑफ किए
श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में ईंट भट्ठे पर मजदूर उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ निवासी दो आरोपियों ने भट्ठा संचालक से करीब 9.80 लाख रुपए हड़प लिए। आरोपियों ने मजदूर लाने को कहा और बाद में एडवांस लाखों रुपए लेकर बंधुआ मजदूरी की शिकायत कर दी। जिसके बाद आरोपी भाग गए। भट्टा मालिक को मजदूरों की जरूरत थी शिकायतकर्ता देवसराम (64) निवासी प्रतापगढ़ (उत्तरप्रदेश) ने एसीजेएम कोर्ट, अनूपगढ़ में दी शिकायत में बताया- वह गणेश ब्रिक्स कंपनी, चक 4 के (बी) अनूपगढ़ में जमादार का काम करता है। भट्ठा मालिक लखविंदर सिंह को सीजन के लिए 20-25 मजदूरों की जरूरत थी। भट्ठा मालिक ने मजदूर लाने के लिए देवसराम से बात की। इसके बाद देवसराम ने यूपी के अलीगढ़ निवासी अनिल (40) और राहुल से संपर्क किया। आरोपियों ने कहा कि उनके पास मजदूर उपलब्ध हैं। इसके बाद आरोपियों ने एडवांस और खर्च के नाम पर जून से नवंबर 2025 तक कई किस्तों में 9.80 लाख लिए गए। इसमें फोनपे ट्रांसफर, कैश और कई खातों में पैसे डाले गए। 29 अक्टूबर को मजदूरों के साथ आरोपी भट्ठे पर पहुंचे। वहां मौजूदगी में भट्ठा मालिक से अतिरिक्त 1.30 लाख और 2 लाख कैश ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने अनूपगढ़ प्रशासन को झूठी शिकायत कर दी और कहा कि ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। 3 नवंबर को स्थानीय प्रशासन (तहसीलदार व पटवारी) भट्ठे पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे अधिकारी बोले- मजदूर काम नहीं करना चाहते अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है कि यूपी की लेबर को बंधुआ मजदूर बनाकर जबरन काम करवाया जा रहा है। इसके बाद ईंट भट्ठा मालिक ने सभी लेन-देन का और मजूदरों के बारे में बताया। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि लेबर काम नहीं करना चाहती, इसलिए वे जा सकती हैं और पैसे के लिए कानूनी कार्रवाई करें। इसी बीच आरोपी अनिल और राहुल एक दिन पहले ही फरार हो चुके थे। उनके फोन स्विच ऑफ थे। देवसराम का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने झांसे में लेकर ठगी की और खुद ही बंधुआ मजदूरी की फर्जी शिकायत करवाई। जब पैसे वापस मांगे तो मुकर गए और बोले- 'हमारा तो यही धंधा है, लेबर की डिमांड पर ठगी मारते हैं।' जिसके बाद देवसराम ने अनूपगढ़ पुलिस थाना में मामला दर्ज करने की शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। बाद में एसीजेएम कोर्ट में शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।